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Wednesday, February 27, 2019

सावधान ☆ गर्भवती महिलायें भूलकर भी ना करें ऐसे काम | Precautions during pregnancy in hindi

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गर्भवती होना एक सुखद अनुभव है आप गर्भवती हैं इसका पता आपको चल चुका है आपने आपने मेरे पिछले आर्टिकल में पड़ा कि गर्भवती होने का कैसे पता चले। यदि आप प्रेग्नेंट हो चुकी हैं तो आप अवश्य ही अच्छा महसूस कर रही होगी लेकिन क्या आप जानती हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान कौन से काम करने चाहिए और कौन से काम नहीं करने चाहिए इसका आपको अच्छे से ध्यान देना चाहिए। तो चलिए आज के माध्यम से हम जानेंगे प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को कौन से कार्यों को नहीं करना चाहिए (precautions during pregnancy in hindi) अर्थात कौन से काम है जिसको करने से गर्भवती महिला को बचना चाहिए।

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गर्भावस्था में देखभाल कैसे रखे | Precautions during pregnancy in hindi




ऊंचे नीचे रास्ते पर चलना:

अधिक ऊंचे नीचे स्थानों पर चलने से गर्भवती महिला को नुकसान पहुंच सकता है क्यों कि गर्भ में पल रहे बच्चे को झटके महसूस होंगे तथा गर्भाशय में भी क्षति पहुंचने का डर हो सकता है इसलिए गर्भवती महिला को उंचे नीचे स्थानों पर चलने से बचना चाहिए।

झटके से उठना बैठना:

झटके से बैठने से गर्भाशय में अचानक कोई भी झटका लग सकता है जिससे महिला को दर्द होने के साथ-साथ बच्चे को भी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में कभी कभी गर्भाशय अपनी जगह से हिल जाता है तथा गर्भाशय की मांसपेशियां खिच जाती है जिस कारण से महिला को अत्यधिक दर्द होता है।

सीढ़ियां चढ़ना:

सीढ़ियों पर चढ़ने से भी महिला को गर्भाशय से जुड़ी हुई समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि सीढियां चढ़ने और उतरने से झटके महसूस होते हैं जिस कारण महिला को खिंचाव उत्पन्न हो सकता है।

यात्रा करना:

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जब हम यात्रा कर रहे होते हैं तो हम यह नहीं जानते हैं कि हमारे पास में बैठा हुआ शख्स या हमारे साथ यात्रा कर रहा साथी किस बीमारी से ग्रसित है। यदि यात्रा के दौरान गर्भवती महिला इसी गंभीर बीमारी से ग्रसित मनुष्य के संपर्क में आ जाती है तो गर्भवती महिला को भी वह रोग होने की आशंका होती है अतः गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान यात्रा करने से बचना चाहिए।

वाहन पर बैठना:


जैसा कि आप जानते हैं कि वाहन पर बैठने पर गर्भवती महिला को झटके लग सकते हैं इसी कारण से उसे किसी भी ऐसे वाहन पर नहीं बैठना चाहिए जिससे कि उसे अथवा उसके शिशु को कोई भी हानि पहुंचे।


कठिन आसन पर बैठना:


गर्भवती महिला को कैसे बैठना चाहिए इसका उसे बहुत ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि कहीं आप ऐसी पोजीशन पर तो नहीं बैठती हैं कि जिससे आपके गर्भाशय को कोई क्षति पहुंच रही है।

अत्यधिक चिंता करना:


कहा जाता है कि चिंता चिता के समान है, ठीक यही नियम आपकी प्रेग्नेंसी के समय भी लागू होता है। क्योंकि अधिक चिंता करने से आप अपने भीतर पल रहे बच्चे पर ध्यान नहीं दे पाएंगे और उसपर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की जगह नकारत्मक उर्जा असर करने लगेगी।

क्रोध करना:


यदि आपको अधिक क्रोध आता है यह आपके बच्चे के लिए नुकसानदायक है क्योंकि अधिक क्रोध आने से बच्चे का विकास रुक सकता है।

लड़ाई करना:


लड़ाई करते वक्त आप लड़ने वाले से किस हद तक लडाई कर बैठेंगे ना तो आप जानते हैं और न ही सामने वाला जानता है, लड़ाई करने से अनजाने में आपके गर्भाशय पर कोई वस्तु लग सकती है जिससे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है।

सहवास करना:

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प्रेगनेंसी के दौरान सहवास करना उचित है या सहवास करना उचित नहीं है यह कहना कठिन है, क्योंकि कुछ लोगों का मत है की प्रेगनेंसी के दौरान सहवास करने से कोई नुकसान नहीं पहुंचता।और इसके विपरीत कुछ लोगों का मानना है की सहवास करने से भीतर पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है।


अत्यधिक सोना:

Precautions during pregnancy in hindi-more sleep

सोना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है परंतु अत्यधिक सोना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है फिर चाहे वह एक साधारण मनुष्य ही क्यों ना हो या कोई गर्भवती महिला ,इसलिए गर्भवती महिला को भी 8 से 9 घंटे से अधिक नहीं सोना चाहिए।

दिन में सोना:

दिन में सोना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना गया है इसलिए गर्भवती महिला को भी चाहिए कि वह भी दिन में सोने से बचे।

एक ही भोजन को करना:

डॉक्टरों का कहना है कि एक गर्भवती महिला को पौष्टिक आहार करना चाहिए ऐसे में यदि कोई महिला लगातार एक ही भोजन का इस्तेमाल कर रही है तो इसका अर्थ है कि वह अपने बच्चे को पौष्टिक आहार प्रदान नहीं कर रही है क्योंकि जब वह विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का सेवन करेगी तभी उसके बच्चे को पौष्टिक आहार प्रदान होगा।

भूखे प्यासे रहना:


यदि कोई महिला प्रेगनेंसी के दौरान भूखी प्यासी रहती है इसका अर्थ है कि उसका बच्चा भी भूखा प्यासा है और इस स्थिति में बच्चे को जब भोजन प्रदान नहीं होगा तो वह विकास नहीं कर पाएगा।

इसलिए कभी कभी देखा जाता है कि गर्भवती महिलाएं व्रत और उपवास रख लेती है, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि उन्होंने जब एक बच्चे को जन्म देने का सोचा है तो उसका ख्याल रखना भी उस महिला की जिम्मेदारी है और माँ होने के नाते से वह ऐसा कभी नहीं चाहेगी।

मांस मदिरा का सेवन करना:


यह तो हम सभी जानते हैं मांस में बहुत से पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं लेकिन गर्भवती महिला को मांस के द्वारा पौष्टिक आहार नहीं लेनी चाहिए क्योंकि उसे यह ज्ञात नहीं है कि जिस जीव को वह खाने जा रही है उसे कोई बीमारी है अथवा नहीं। क्योंकि बीमार जीव के मांस से बना भजन भी बीमारी से ग्रसित होता है इसलिये गर्भवती महिला को मांस और इसके साथ ही मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

कब्ज रहने देना:

Precautions during pregnancy in hindi-constipation

जब महिला गर्भवती होती है तो कब से रहना आम बात होती है क्योंकि अधिकांश महिलाओं में यह समस्या पाई जाती है लेकिन समझदार स्त्री वह ही है जो कब्ज को अपने से दूर रखती है। गर्भवती महिला को चाहिए कि जब वह अपने डॉक्टर को दिखाएं तो वह उसे बताएं कि उसे कब्ज रहती है जिससे कि डॉक्टर उसे उचित सलाह देगा और ऐसे भोजन करने को कहेगा जिससे कि उसे कब्ज की कोई समस्या ना रहे।

प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज रहने से महिलाओं को बहुत परेशानी होती है इसके कारण से उन्हें गैस बनने लगती है और इसके साथ ही पेट में दर्द भी होने लगता है। इसलिए आपको चाहिए कि आप कब्ज से दूर ही रहे।

पाचन क्रिया बिगाड़ लेना:

Precautions during pregnancy in hindi

प्रेगनेंसी के दौरान आपको भोजन का बहुत ही अधिक ध्यान रखना है कहीं आप ऐसे भोजन तो नहीं कर रही जिससे की आपके पाचन क्रिया को नुकसान पहुंच रहा है। इसलिए आपको चाहिए कि आप जल्दी पचने वाले भोजन करें ।आप थोड़ा थोड़ा करके खाए ,एक गर्भवती महिला को डॉक्टरों द्वारा यह सलाह दी जाती है कि वह बार-बार खाए पर थोड़ा खाएं।

पोषक तत्वों का ना लेना:


प्रेगनेंसी के दौरान पेट भरना आपके लिए आवश्यक नहीं है जबकि को चाहिए कि आप पोषक तत्वों को ग्रहण करें ।इसलिए आपको इस बात का बहुत अधिक ध्यान रखना है  कि आप पौष्टिक आहार ही लें। जिससे आपको और आपके बच्चे को कोई भी परेशानी ना हो सके।

वेगों को बलपूर्वक रोकना:


प्रेगनेंसी के दौरान आपको इस बात का बहुत अधिक ध्यान रखना है आपको कोई प्रेशर बन रहा है जैसे- कि पेशाब आना, लैट्रिन आना ,तो आपको इसे रोकना नहीं है जबकि आपको इसका जब भी अनुभव होता है तभी आपको इसे त्यागने के लिए तुरंत ही जाना चाहिए क्योंकि यह आपके लिए हितकर नहीं है।


अधिक तीखा चटपटा भोजन करना:


अधिक चटपटा खाना पेट में एसिडिटी पैदा करता है जिसके कारण पेट में जलन होती है और पेट मे गैस बनती है गैस बनने के साथ साथ कुछ महिलाओं को कब्ज की भी शिकायत हो जाती है जब महिला को कब्ज होती है तो पेट में दर्द भी होता है साथ में खाना खाने में उसका मन नहीं लगता।

गरम भोजन का सेवन करना:


गर्म भोजन करने से भी गैस बनने की आशंका बढ़ जाती है और आप जानते हैं कि जब गैस बनती है तो अन्य बीमारियां भी साथ में आती हैं इसलिए महिला को चाहिए पेट में गैस ना बनने दें और साथ ही कब्ज जैसी समस्याओं से दूर रहे।

मेरे विचार:

अपने इस आर्टिकल के माध्यम से मैं उन महिलाओं को समझाना चाहता हूं जोकि गर्भवती है गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान क्या नहीं करना चाहिए के मायने पता है लेकिन इसके साथ भी बहुत सी ऐसी भी बातें हैं आपको ध्यान रखना चाहिए।

गर्भवती महिला को समय-समय पर अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए और उसका डॉक्टर जो भी कहे उसी के अनुसार उसे अपने काम करने चाहिए।

यदि आपको यह लगता है मेरे इस आर्टिकल के माध्यम से आपको कोई फायदा पहुंचा है तो आप से अनुरोध है कि इसे शेयर करके दूसरे लोगों को अवश्य बताएं जिससे कि उन्हें भी इसका लाभ मिल सके।

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