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Friday, March 31, 2017

[सोरायसिस का होम्योपैथिक इलाज] Psoriasis Ka Homeopathic ilaj | Dr.Reckeweg R65

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Psoriasis एक स्किन की डिजीज है ये बहुत ही कॉमन बीमारी है , इसलिए इसे हम “सोरायसिस वुल्गैरिस” भी कहते है जिसमे silvery aur scaly lesion होता है. ये lesion ज्यादातर कोहनी, टखनों और कभी कभी स्कैल्प पे भी हो जाते है , इसके साथ ही ये हथेली और पैरों के तलवे में भी हो सकते है. सोरायसिस एक क्रोनिक बीमारी है , जो की एनवायरनमेंट के चेंज हो जाने से बढ़ जाती है जैसे की विंटर में स्किन के ड्राई हो जाने से ये बढ़ जाती है. सोरायसिस का इलाज होमियोपैथी मेडिसिन (Psoriasis Ka Homeopathic ilaj) द्वारा किया जा सकता है.

ओबेसिटी के बढ़ने से सोरायसिस बढ़ सकता है और BMI के कंट्रोल करने से ये कण्ट्रोल भी हो जाता है इस बीमारी को हम टॉपिक डर्मेटाइटिस से , कैंडिडा इन्फेक्शन से , और नेल की बीमारी से कंफ्यूज कर सकते है.
वैसे तो आपने देखा होगा की सोरायसिस का इलाज कई तरह से होता है लेकिन ये बार बार हो जाता है मतलब फिर से वापस आ सकता है अगर आप सोरायसिस के लिए होमियोपैथी दवा लेते है तो इसका इलाज बहुत अच्छा होता है.




सोरायसिस का कारण:


सोरायसिस आखिर क्यों हो जाता है ये जानना भी बहुत जरूरी है. इस बारे में मैं आपको कुछ डिटेल में पॉइंट्स से बताता हूँ चलिए जानते हैं सोरायसिस के क्या कारण हैं.

       1)    Genetic (बन्शानुगत) : सोरायसिस भी एक जेनेटिक डिजीज है , अगर आप के पेरेंट्स में किसी को भी ये बीमारी है , तो आप को भी हो सकती है.

          2)    Dry skin : ड्राई स्किन वाले लोगो में सोरायसिस ज्यादा पाया जाता है , इसलिए ये ड्राई जगह पर ज्यादा होता है.

          3)    Obesity (Motapa) : मोटापा बढ़ने से भी सोरायसिस बढ सकता है.

          4)    Throat infection : कभी कभी गले में इन्फेक्शन से सोरायसिस हो जाता है. जोकि इन्फेक्शन के ठीक हो जाने पर ठीक हो जाता है.

          5)    अगर ओरल स्टेरॉयड को अचानक लेना बंद कर दे तो भी सोरायसिस हो सकता है.

          6)    Stress : स्ट्रेस सोरायसिस को बड़ा देता है. अगर आप तनाव लेते हैं तो यह आपके लिए खतरे का संकेत कर रहा है|




सोरायसिस के लक्षण :



psoriasis ka homeopathic ilaj in hindi

१) ज्यादातर सोरायसिस में कोई प्रॉब्लम नहीं रहती है , बस स्किन में lesion ही होता है. 

२) इचिंग: हलकी सी इचिंग स्किन के lesion पर होती है. 

३) सिल्वेरी scaly स्किन lesion: सिल्वर कलर के स्केल स्किन लेसिओं पर मिलते है जो की करोचने पर सिल्वर कलर के स्किन के टुकड़े निकट है. 

४) सोरायसिस आर्थराइटिस में: कभी कभी सोरायसिस में हाथ की फिंगर्स के जॉइंट्स में पैन होता है , इसका मतलब होता है की फिंगर्स के जॉइंट्स में आर्थराइटिस (गठिया) हो जाना. 

५) नेल्स पर भी सोरायसिस होता है , जो की पिट्स के रूप में मिलता है. 

६) साइट (जगह) undefined सोरायसिस मैनली कोहनी, टखनो, स्कैल्प पर ज्यादा होता है , इसके साथ ही ये हथेली और पैर के तलवे में भी होता है.

होमियोपैथी इलाज सोरायसिस के लिए :


सोरायसिस बार बार होने वाली बीमारी है , ठीक होने के बाद फिर से हो जाती है इसलिए इसके लिए होम्योपैथिक दवा सबसे कारगर होती है. डॉ. रेचकेवेग ने इसके लिए एक बहुत ही शानदार होम्योपैथिक मेडिसिन बनाई है जिसने कई लोगो के सोरायसिस को ठीक किया है.

Dr.Reckeweg ki R65

वैसे तो R 65 सोरायसिस के लिए बहुत अच्छी दवा है , लेकिन अगर आप इसके साथ R 21 भी लेते हैं , तो ये सोने पे सुहागा की तरह काम कराती है.
R 65 को सोरायसिस के साथ ही और बीमारी में भी उसे कर सकते है जैसे की स्क्रोफुलोस में , थाइरोइड प्रॉब्लम(ह्यपरथीरोइडिस्म) में मोटी स्किन के झड़ने से.



Dose:

10-15 ड्रॉप्स दिन में 2-3 बार खाना खाने के 30 मिनट बाद 1/2  कप वाटर के साथ ले undefined आराम मिलने के बाद धीरे धीरे काम कर सकते है. यानि की पहले कुछ दिन २ बार फिर कुछ दिन के लिए केवल १ बार ले. होमियोपैथी दवा को हमेशा ऐसे ही बंद किया जाना चाहिए. कभी भी ऐसा न करे की आप अचानक ही दवा लेना बंद कर दे.


Note:

जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया है की सोरायसिस ड्राई स्किन और स्ट्रेस के बढ़ने से बाद जाता है इसलिए इन पर कण्ट्रोल करना भी बहुत जरूरी है. कहने का मतलब है आप स्ट्रेस न ले और इसके लिए. योग करे. स्ट्रेस को कम करने के लिए प्राणायाम किया जाना चाहिए. अगर मैडिटेशन या ध्यान लगा सकते हैं तो बहुत ही अच्छा होगा.


Must Read:  Homeopathic Medicine Kaise aur kab le. [Rules]


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This post have 2 comments

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Jay Bhatkar delete Sunday, August 13, 2017

अगर सोरियासीस होने तीन साल हो गये हो तो_r65 दवा कितने महिनो तक लेनी होगी?और यह दवा कसप्रकार के सोरियासीस ज्यादा कारगर साबित होती है ?

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Homeo Veda delete Saturday, September 09, 2017

ऊपर बताये हुए लक्षणों से आपके लक्षण मेल खाते हैं तो आपको यह ज़रूर फायदा करेगी, कितने भी साल से आपको सोरियासिस हो पहले 3 माह तक आप इसे ले। फायदा होने पर दवा की मात्रा कम कर दें, और लेते रहें। यह आपको अगले 3 माह तक करना होगा। फिर 3 माह के लिए फिर डोज कम करके लें। ऐसे आप 9 से 12 महीने तक लें।

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