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Friday, November 18, 2016

[चिकनगुनिया : लक्षण, घरेलू उपाय और बचाव] Chikanguniya Ke Lakshan Aur Ilaj

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चिकनगुनिया (Chikunguniya) इस समय जोरो पर है भारत में लगभग हर राज्य में चिकनगुनिया ने दस्तक दे दी है और अस्पतालों में चिकनगुनिया के मरीज खूब आ रहे हैं, लेकिन इससे घबराने की बात नहीं है| आज हम जानेंगे की आखिर चिकनगुनिया कैसे फैलता है (Chikunguniya kaise failta hai) , चिकनगुनिया के लक्षण क्या हैं (Chikunguniya ke lakshan) , चिकनगुनिया का घरेलु इलाज क्या है (Chikunguniya ke gharelu upchar) और इससे कैसे बचाव किया जाये | हाल ही में बाबा रामदेव ने भी यही कहा है की चिकनगुनिया से घबराने की जरूरत नहीं हैं इसका इलाज घर पर आसानी से किया जा सकता है, तो क्यों न जाने की इसका इलाज किस तरह से किया जाये |


चिकनगुनिया के लक्षण और घरेलु उपचार इलाज chikanguniya ka deshi ilaj


चिकनगुनिया एडीज  मादा मच्छर के काटने से होती है , इसलिए यह एक प्रकार का वायरल बुखार है, लेकिन इसे जोड़ों के दर्द की बीमारी भी कहा जाता है , क्यों कि मादा एडीज मच्छर के काटने से जॉइंट्स में काफ़ी दर्द होता है| कभी कभी डेंगू और चिकनगुनिया में अंतर का पता नहीं लग पता है क्यों की दोनों प्रकार के बुखार में एक ही तरह के लक्षण पाए जाते हैं | ऐसी स्थिति में डेंगू की जाँच कराना बहुत ज़रूरी हो जाता है , क्यों की डेंगू में रक्त कणिकाए कम हो जाती हैं और अचानक गिरती हुई कणिकाओ को अगर काबू नहीं किया जाता है तो मरीज की मृत्यु हो जाती है|


चिकनगुनिया के लक्षण (Chikunguniya Ke Lakshan):



Chikunguniya का वायरस 2-5 दिन के लिए तेज़ी से बढ़ता है और कुछ लक्षणों को पैदा करता है चलिए इसके हो जाने के कुछ लक्षणों पर हम विचार करेंगे और जानेंगे की आखिर Chikunguniya का होना कैसे पता चलता है|


तेज़ बुखार (Fever) आना :

अगर चिकनगुनिया की शिकायत है तो आप ये जान ले की आपको तेज़ बुखार आ सकता है यह बुखार लगभग 100 डिग्री से लेकर १०२ डिग्री का हो सकता है | यह बुखार लगभग 2-3 दिनों के लिए आता है बुखार के साथ साथ ठण्ड भी लगती है, इस लिए  आपको अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए|


लाल चकत्ते (Red Spot) पड़ना :


शरीर पर लाल लाल चकत्ते पड़ना भी इसका मुख्य लक्षण है, कभी कभी ऐसे में मरीज के पूरे शरीर पर ये चकत्ते दिखाई देने लगते हैं और मरीज घबरा जाता है, मगर आपको इसके लिए घबराने की ज़रुरत नहीं है|


जोड़ों में दर्द (Joint Pain):


इसमें मरीज को शरीर के हर जोड़ में दर्द होता है और मरीज की उठने की इच्छा नहीं होती है, इस कारण से उसे काफी थकन महसूस होती है|


सिर दर्द (Headache) होना :


तेज़ बुखार आने के साथ साथ इसमे मरीज के सिर में  दर्द भी होता है | अगर तेज़ प्रकाश में आ जाये तो सिर का दर्द और बढ़ जाता है|


लाइट में डर लगना :

तेज़ रौशनी में आने पर मरीज को अच्छा  नहीं लगता है उसके शरीर में दर्द मौर सिर का दर्द बढ़ जाता है इस कारण से चिकनगुनिया का मरीज कम ही बाहर दिखाई देता है और हाँ उसे आराम भी करना चाहिए |



कमजोरी और थकान :


जब रोगी के सिर में दर्द और बुखार और जोड़ो में दर्द होने लगता है तो ऐसे में मरीज को थकान बहुत लगती है जिस कारण से शरीर में कमजोरी आ जाती है , थकान ज्यादा होने के कारण किसी किसी को नीद भी नहीं आती है और जिससे की आराम कम मिल पाता है |


ऊपर दिए गए लक्षणों के अलावा भी बहुत से ऐसे लक्षण हैं जो की मरीज को महसूस हो सकते हैं जैसे मांसपेशियों में दर्द, भूख का न लगना| 


कैसे पता करे चिकनगुनिया :


ऊपर दिए गए लक्षण यदि पाए जाते हैं तो इससे पता लगाया जा सकता है, लेकिन जैसा की मैंने पहले भी बताया की डेंगू में भी इसी प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं, तो ऐसे में क्या करे की ये निश्चित हो जाये की रोगी को चिकनगुनिया ही है| इसके लिए आपको डेंगू की जाँच अवश्य करनी चाहिए | चिकनगुनिया में भी रक्त कणिकाए कम हो जाती हैं इसलिए इसकी जाँच करना भी आवश्यक हो जाता है |



चिकनगुनिया के घरेलू उपाय :


कुछ घरेलू उपचार के द्वारा इसकी रक्त कणिकाओ में बढ़ोत्तरी की जा सकती है बल्कि कहा जाये की इन उपचारों से इलाज किया जा सकता है चलिए जानते हैं की कौन से ऐसे उपाय किये जाये|

  • तुलसी के पत्तो का सेवन करना चाहिए , क्यों की तुलसी में एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं इस लिए अगर हो सके तो तुलसी की बूंदे ले | तुलसी का रोज सेवन करने से वायरल बुखार या वायरल से होने वाली कोई भी बीमारी नहीं होती है|

  •  गिलोय (गुच्च) का सेवन करना भी बहुत लाभकारी होता है, यह आयुर्वेद की एक ऐसी औषधि है जो की बुखार, जुकाम, पेट दर्द, गैस, मोटापा, रक्त की सफाई के लिए बहुत ही कारगर होता है इससे शरीर में इम्युनिटी भी बढ़ जाती है जिससे की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है|

  •  अनार का रस चिकनगुनिया और डेंगू के रोगियों के लिए बहुत अच्छामन जाता है, शरीर में आने वाली थकान को यह दूर करता है और अंदरूनी शक्ति प्रदान करता है |

  •  पपीता और इसके पत्ते, दोनों ही रक्त कणिकाओ को बढ़ने में सहायक हैं, इसलिए रोगी को रोज पपीते का सेवन करना चाहिए और दिन में दो बार पपीते के पत्तो का रस निकल कर पीना चाहिए|

  • एलोवेरा का गूदा खाने से भी इस रोग में बहुत फायदा होता है|
  • नीम के पत्ते का रोज सेवन करने से ऐसे रोग आस पास भी नज़र नहीं आते हैं |
  • पानी का खूब प्रयोग करे, मरीज को खूब पानी पीना चाहिए |
  • वैसे तो डेंगू बुखार में बकरी का दूध पीना चाहिए, परन्तु चिकनगुनिया में भी आप इसे ले सकते हैं |
  • कीवी फल का सेवन डेंगू और चिकनगुनिया में फायदा करता है| 
  • खाना कम खाए या न खाए, तरल भोजन ले , फल खाए जूस पिए |
  • आराम करे, धूप में बहार न निकले |





चिकनगुनिया से बचाव :

चिकनगुनिया या किसी भी वायरल बीमारी के लिए बचाव का सबसे आसन तरीका यह है की आपको अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की ज़रुरत होती है, अगर आपका इम्यून सिस्टम मजबूत है तो कोई भी वायरल बीमारी आपके पास नहीं आएगी | जैसा की हम सभी जानते है की चिकनगुनिया या डेंगू का बुखार मच्छर के काटने से होता है, इस लिए मच्छर से बचना भी इसका सबसे अच्छा बचाव है| लेकिन कुछ बाते आपको ध्यान देने की ज़रुरत है|

  • डेंगू और चिकनगुनिया का मच्छर साफ़ पानी में पैदा होता है, और बरसात में इस बात का ध्यान दिया जाना चाहिए की आपके घर के आस पास कही पानी न जमा हो पाए|
  • घर के आस पास की जगह साफ़ रखें|
  • मच्छर भगाने के लिए छिडकाव कराये |
  • अगर आपके यहाँ swiming Pool है तो उसका विशेष ध्यान रखे |
  • घर में अगर कूलर है तो उसे खाली रखे |
  • शाम को खिड़कियाँ बंद रखे और मच्छर भगाने के उपाए करें |
  • मच्छरदानी का प्रयोग करे , आलआउट जैसे उपकरण इस्तेमाल करे|
  • पूरे कपडे पहने, हाफ कपडे न पहने|
  • गार्डन में दवा का छिडकाव कराये और खुद मच्छर भगाने की क्रीम का इस्तेमाल करें|
  • डेंगू चिकनगुनिया का मच्छर दिन में कटता है, इस लिए दिन में ऐसे स्थानों पर न बैठे|



चिकनगुनिया से जुड़े कुछ प्रश्न:


प्रश्न: चिकनगुनिया कैसे फैलता है?

उत्तर: चिकनगुनिया एडीज मच्छर के काटने से होता है, ये सभी जानते हैं लेकिन यह मच्छर किसी को हर समय नहीं कटता है| जब यह किसी को कटता है तो use चिकनगुनिया हो जाता है, फिर इसके बाद जब सामान्य मच्छर किसी रोगी को कटता है जिसे चिकनगुनिया पहले से है, तो सामान्य मच्छर में इसके विषाणु आ जाते हैं| जब ये सामान्य मच्छर किसी को भी कटता है तो use भी चिकनगुनिया हो जाता है|


प्रश्न: क्या चिकंगिनिया का मच्छर दिन में ही कटता है?

उत्तर: जी हाँ, ये मच्छर दिन में ही कटता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं की दिन में ही केवल बचाव करने से चिकनगुनिया नहीं हो सकता है| जैसा मैंने ऊपर के प्रश्न में बताया कि सामान्य मच्छर से भी ये रोग हो सकता है|


प्रश्न: किसे यह रोग जल्दी हो जाता है?

उत्तर: जिस व्यक्ति की रोग से लड़ने की क्षमता यानि की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है use यह रोग जल्दी हो जाता है इसलिए हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए|


प्रश्न: क्या बाज़ार का खाना खाना सही है?

उत्तर: बाज़ार से लाये हुए भोजन में विषाणु होने की आशंका रहती है और ज्यादातर भोजन मैदा का बना हुआ होता है, तो इस रोग के दौरान हमें जो पोष्टिक आहार चाहिए वो नहीं मिल पाता, इसलिए हमें ऐसे खाद्य पदार्थ जैसे बर्गर , पिज़्ज़ा, टिक्की, भटूरे, बिरयानी, मांस एवं ऐसे ही कई पदार्थ नहीं खाने चाहिए|


प्रश्न: चिकनगुनिया का मच्छर किसको अधिक कटता है?

उत्तर: इसका प्रभाव उन लोगो पर ज्यादा होता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसके अलावा यह बच्चों और असाध्य लोगो पर जल्दी आक्रमण करता है, महिलाओं पर भी इसका असर बहुत जल्दी होता है इसलिए उन्हें अपने पूरे तन को ढक कर रखना चाहिए|


प्रश्न: क्या डायबिटीज के मरीज को विशेष ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: जी हाँ, डायबिटीज वाले मरीज को डेंगू और चिकनगुनिया में विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्यों की ऐसे लोगो की रोग से लड़ने की क्षमता कम होती है इसलिए इनके अन्दर विषाणु जल्दी अटैक करते हैं और इन्हें जल्दी बुखार आने के चांसेस बने रहते हैं|



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ये तो रहे कुछ प्रश्न जो की चिकनगुनिया से जुड़े हुए हैं, अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो आप हमसे पूछ सकते हैं| जब भी आपको कोई बुखार आये तो जल्द से जल्द जाँच कराये और यदि चिकनगुनिया के लक्षण (chikunguniya ke lakshan) दिखे तो उसका उपचार जल्दी से जल्दी कराये| आपसे मेरा अनुरोध है अगर आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं तो अपने facebook, twitter अकाउंट पर शेयर ज़रूर करें, यह किसी के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है|

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