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Thursday, 29 September 2016

[करेला खाने के अदभुद फायदे] Karela Khane Ke Fayde

डायबिटीज और खून साफ करने के लिए सबसे कारगर किसी फल अथवा सब्जी को अगर माना गया है तो वो है, करेला । करेला एक ऐसा फल है जोकि खाने में कड़वा होता है लेकिन करेला खाने के फायदे (Karela khane ke fayde) गिनाना कठिन हो सकता है। एक शोध के हिसाब से 10 -15 दिन के अंदर एक बार करेला ज़रूर खाना चाहिए। करेला हमारे शरीर के कुछ ज़रूरी तत्वो की पूर्ति करता है। जैसे की प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेड, मैग्नीशियम जैसे तत्वों की कमी पूरी करता है। इसका उपयोग किन किन बीमारियों के लिए लाभकारी होता है इसपर ध्यान देते हैं।

karela khane ke kya fayde hain, करेला खाने से लाभ



डायबिटीज (Diabetes) के लिए :

डायबिटीज की समस्या से आज कौन परेशान नहीं है, भाग दौड़ भरी और कम उम्र में टेंशन लेनेबकी वजह से डायबिटीज के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। करेले को आप कई तरह से ले सकते हैं, चाहे आप इसे पाक ले, या उबाल कर ले या आप इसका जूस भी ले सकते हैं। इसके लिए एक special juice कैसे तैयार करें ये मैं आपको आर्टिकल के आखिरी में बताऊंगा।


रक्त शुद्धि (Blood Purification) में :

खून साफ करने के लिए भी करेले का प्रयोग किया जाता है, अगर आपके चेहरे पर फोड़े या मुहासे रहते हैं तो इसका मतलब है कि आपको खून साफ करना होगा, जिसके लिए सबसे आसान तरीका है करेले को खाना। हफ्ते में 2 बार करेले की सब्जी और एक दिन छोड़कर करेले का जूस पिए।


रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाने के लिए:

अगर आपके शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता नहीं है तो आपका शरीर केवल एक ढांचा है, ऐसे तन को रोग जल्दी लगते हैं और सही भी नहीं होते हैं। इसलिए body की immunity बढ़ाना बहुत ज़रूरी है।


दमा (Asthma) के मरीज के लिए:

अस्थमा का मरीज अगर करेले का सेवन करने लगे तो उसे बहुत आराम मिलता है, लेकिन दमा में मसाले और तला हुआ खाना खाना मन होता है इसलिए मरीज जो बिना मसाले का उबला हुआ करेला खाना चाहिए।


हीमोग्लोबिन बढ़ाने में:

हीमोग्लोबिन की समस्या से परेशां लोगो को करेला खाना चाहिए, यह रक्त की शुद्धि भी करता है इसके बारे में मैंने ऊपर पहले ही बता दिया है। करेला शुद्ध रक्त की मात्रा को बढ़ाता है।

 

 
मोटापे पर कंट्रोल :

रोजाना करेला खाने से आप अपने मोटापे को control कर सकते हैं, अगर आप बहुत अधिक मोटे हैं तो आपको और भी उपाय करने होंगे परंन्तु यदि आपने अपना बजन कंवकिया हुआ है तो करेला आपके बजन को संतुलित करेगा, मगर इस बात का ध्यान रहे करेला तला हुआ नहीं हो।


भूख बढ़ाने में:

कड़वा खाना किसे अच्छा लगता है अगर बात सेहत की हो तो सब जायज है। अगर आपको भूख कम लगती है तो करेला खाना शुरू कर दे, क्योकि करेला खाने से खाना जल्दी पच जाता है,पाचन तंत्र अच्छा हो जाता है।



करेला का जूस कैसे तैयार करे: 

करेला का जूस तैयार करने के लिये आप को क्या चाहिए नीचे लिस्ट देखे-
करेला - 1
लौकी - 80 ग्राम
टमाटर- 2
खीरा- 1/2
जीरा- 1/2 चम्मच
काला नमक- स्वादानुसार


इन सभी को मिक्सर में डाल दे , और पीस कर एक गिलास में डालकर पी ले। इसको सुबह खाली पेट पीना है और इसको पीने के 1 घंटे तक कुछ ना ले। इसका डेली सेवंन करने से आपको डायबिटीज की समस्या के साथ बहुत सी बीमारी नहीं होंगी।

ये तो आपने जाना करेला खाने से क्या क्या लाभ  (Karela khane ke fayde) है और इससे कौन कौन सी बीमारियों में फायदा होता है। इसके साथ ही आपने करेले का जूस बनाना सीख और इसके फायदे जाने। अगर आपको भी इससे जुड़ी कोई जानकारी है तो आप हमें बताये। हम इस आर्टिकल में बदलाव करके आपका नाम देंगे।

Tuesday, 27 September 2016

[चिकनगुनिया : लक्षण, घरेलू उपाय और बचाव] Chikanguniya Ke Lakshan Aur Ilaj

चिकनगुनिया (Chikanguniya) इस समय जोरो पर है भारत में लगभग हर राज्य में चिकनगुनिया ने दस्तक दे दी है और अस्पतालों में चिकनगुनिया के मरीज खूब आ रहे हैं, लेकिन इससे घबराने की बात नहीं है| आज हम जानेंगे की आखिर चिकनगुनिया कैसे फैलता है (Chikanguniya kaise failta hai) , चिकनगुनिया के लक्षण क्या हैं (Chikanguniya ke lakshan) , चिकनगुनिया का घरेलु इलाज क्या है (Chikanguniya ke gharelu upchar) और इससे कैसे बचाव किया जाये | हाल ही में बाबा रामदेव ने भी यही कहा है की चिकनगुनिया से घबराने की जरूरत नहीं हैं इसका इलाज घर पर आसानी से किया जा सकता है, तो क्यों न जाने की इसका इलाज किस तरह से किया जाये |


चिकनगुनिया के लक्षण और घरेलु उपचार इलाज chikanguniya ka deshi ilaj


चिकनगुनिया एडीज  मादा मच्छर के काटने से होती है , इसलिए यह एक प्रकार का वायरल बुखार है, लेकिन इसे जोड़ों के दर्द की बीमारी भी कहा जाता है , क्यों कि मादा एडीज मच्छर के काटने से जॉइंट्स में काफ़ी दर्द होता है| कभी कभी डेंगू और चिकनगुनिया में अंतर का पता नहीं लग पता है क्यों की दोनों प्रकार के बुखार में एक ही तरह के लक्षण पाए जाते हैं | ऐसी स्थिति में डेंगू की जाँच कराना बहुत ज़रूरी हो जाता है , क्यों की डेंगू में रक्त कणिकाए कम हो जाती हैं और अचानक गिरती हुई कणिकाओ को अगर काबू नहीं किया जाता है तो मरीज की मृत्यु हो जाती है|


चिकनगुनिया के लक्षण (Chikanguniya Ke Lakshan):



Chikanguniya का वायरस 2-5 दिन के लिए तेज़ी से बढ़ता है और कुछ लक्षणों को पैदा करता है चलिए इसके हो जाने के कुछ लक्षणों पर हम विचार करेंगे और जानेंगे की आखिर Chikanguniya का होना कैसे पता चलता है|


तेज़ बुखार (Fever) आना :

अगर चिकनगुनिया की शिकायत है तो आप ये जान ले की आपको तेज़ बुखार आ सकता है यह बुखार लगभग 100 डिग्री से लेकर १०२ डिग्री का हो सकता है | यह बुखार लगभग 2-3 दिनों के लिए आता है बुखार के साथ साथ ठण्ड भी लगती है, इस लिए  आपको अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए|


लाल चकत्ते (Red Spot) पड़ना :


शरीर पर लाल लाल चकत्ते पड़ना भी इसका मुख्य लक्षण है, कभी कभी ऐसे में मरीज के पूरे शरीर पर ये चकत्ते दिखाई देने लगते हैं और मरीज घबरा जाता है, मगर आपको इसके लिए घबराने की ज़रुरत नहीं है|


जोड़ों में दर्द (Joint Pain):


इसमें मरीज को शरीर के हर जोड़ में दर्द होता है और मरीज की उठने की इच्छा नहीं होती है, इस कारण से उसे काफी थकन महसूस होती है|


सिर दर्द (Headache) होना :


तेज़ बुखार आने के साथ साथ इसमे मरीज के सिर में  दर्द भी होता है | अगर तेज़ प्रकाश में आ जाये तो सिर का दर्द और बढ़ जाता है|


लाइट में डर लगना :

तेज़ रौशनी में आने पर मरीज को अच्छा  नहीं लगता है उसके शरीर में दर्द मौर सिर का दर्द बढ़ जाता है इस कारण से चिकनगुनिया का मरीज कम ही बाहर दिखाई देता है और हाँ उसे आराम भी करना चाहिए |



कमजोरी और थकान :


जब रोगी के सिर में दर्द और बुखार और जोड़ो में दर्द होने लगता है तो ऐसे में मरीज को थकान बहुत लगती है जिस कारण से शरीर में कमजोरी आ जाती है , थकान ज्यादा होने के कारण किसी किसी को नीद भी नहीं आती है और जिससे की आराम कम मिल पाता है |


ऊपर दिए गए लक्षणों के अलावा भी बहुत से ऐसे लक्षण हैं जो की मरीज को महसूस हो सकते हैं जैसे मांसपेशियों में दर्द, भूख का न लगना| 


कैसे पता करे चिकनगुनिया :


ऊपर दिए गए लक्षण यदि पाए जाते हैं तो इससे पता लगाया जा सकता है, लेकिन जैसा की मैंने पहले भी बताया की डेंगू में भी इसी प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं, तो ऐसे में क्या करे की ये निश्चित हो जाये की रोगी को चिकनगुनिया ही है| इसके लिए आपको डेंगू की जाँच अवश्य करनी चाहिए | चिकनगुनिया में भी रक्त कणिकाए कम हो जाती हैं इसलिए इसकी जाँच करना भी आवश्यक हो जाता है |



चिकनगुनिया के घरेलू उपाय :


कुछ घरेलू उपचार के द्वारा इसकी रक्त कणिकाओ में बढ़ोत्तरी की जा सकती है बल्कि कहा जाये की इन उपचारों से इलाज किया जा सकता है चलिए जानते हैं की कौन से ऐसे उपाय किये जाये|

  • तुलसी के पत्तो का सेवन करना चाहिए , क्यों की तुलसी में एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं इस लिए अगर हो सके तो तुलसी की बूंदे ले | तुलसी का रोज सेवन करने से वायरल बुखार या वायरल से होने वाली कोई भी बीमारी नहीं होती है|

  •  गिलोय (गुच्च) का सेवन करना भी बहुत लाभकारी होता है, यह आयुर्वेद की एक ऐसी औषधि है जो की बुखार, जुकाम, पेट दर्द, गैस, मोटापा, रक्त की सफाई के लिए बहुत ही कारगर होता है इससे शरीर में इम्युनिटी भी बढ़ जाती है जिससे की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है|

  •  अनार का रस चिकनगुनिया और डेंगू के रोगियों के लिए बहुत अच्छामन जाता है, शरीर में आने वाली थकान को यह दूर करता है और अंदरूनी शक्ति प्रदान करता है |

  •  पपीता और इसके पत्ते, दोनों ही रक्त कणिकाओ को बढ़ने में सहायक हैं, इसलिए रोगी को रोज पपीते का सेवन करना चाहिए और दिन में दो बार पपीते के पत्तो का रस निकल कर पीना चाहिए|

  • एलोवेरा का गूदा खाने से भी इस रोग में बहुत फायदा होता है|
  • नीम के पत्ते का रोज सेवन करने से ऐसे रोग आस पास भी नज़र नहीं आते हैं |
  • पानी का खूब प्रयोग करे, मरीज को खूब पानी पीना चाहिए |
  • वैसे तो डेंगू बुखार में बकरी का दूध पीना चाहिए, परन्तु चिकनगुनिया में भी आप इसे ले सकते हैं |
  • कीवी फल का सेवन डेंगू और चिकनगुनिया में फायदा करता है| 
  • खाना कम खाए या न खाए, तरल भोजन ले , फल खाए जूस पिए |
  • आराम करे, धूप में बहार न निकले |





चिकनगुनिया से बचाव :

चिकनगुनिया या किसी भी वायरल बीमारी के लिए बचाव का सबसे आसन तरीका यह है की आपको अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की ज़रुरत होती है, अगर आपका इम्यून सिस्टम मजबूत है तो कोई भी वायरल बीमारी आपके पास नहीं आएगी | जैसा की हम सभी जानते है की चिकनगुनिया या डेंगू का बुखार मच्छर के काटने से होता है, इस लिए मच्छर से बचना भी इसका सबसे अच्छा बचाव है| लेकिन कुछ बाते आपको ध्यान देने की ज़रुरत है|

  • डेंगू और चिकनगुनिया का मच्छर साफ़ पानी में पैदा होता है, और बरसात में इस बात का ध्यान दिया जाना चाहिए की आपके घर के आस पास कही पानी न जमा हो पाए|
  • घर के आस पास की जगह साफ़ रखें|
  • मच्छर भगाने के लिए छिडकाव कराये |
  • अगर आपके यहाँ swiming Pool है तो उसका विशेष ध्यान रखे |
  • घर में अगर कूलर है तो उसे खाली रखे |
  • शाम को खिड़कियाँ बंद रखे और मच्छर भगाने के उपाए करें |
  • मच्छरदानी का प्रयोग करे , आलआउट जैसे उपकरण इस्तेमाल करे|
  • पूरे कपडे पहने, हाफ कपडे न पहने|
  • गार्डन में दवा का छिडकाव कराये और खुद मच्छर भगाने की क्रीम का इस्तेमाल करें|
  • डेंगू चिकनगुनिया का मच्छर दिन में कटता है, इस लिए दिन में ऐसे स्थानों पर न बैठे|


चिकनगुनिया से जुड़े कुछ प्रश्न:


प्रश्न: चिकनगुनिया कैसे फैलता है?

उत्तर: चिकनगुनिया एडीज मच्छर के काटने से होता है, ये सभी जानते हैं लेकिन यह मच्छर किसी को हर समय नहीं कटता है| जब यह किसी को कटता है तो use चिकनगुनिया हो जाता है, फिर इसके बाद जब सामान्य मच्छर किसी रोगी को कटता है जिसे चिकनगुनिया पहले से है, तो सामान्य मच्छर में इसके विषाणु आ जाते हैं| जब ये सामान्य मच्छर किसी को भी कटता है तो use भी चिकनगुनिया हो जाता है|


प्रश्न: क्या चिकंगिनिया का मच्छर दिन में ही कटता है?

उत्तर: जी हाँ, ये मच्छर दिन में ही कटता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं की दिन में ही केवल बचाव करने से चिकनगुनिया नहीं हो सकता है| जैसा मैंने ऊपर के प्रश्न में बताया कि सामान्य मच्छर से भी ये रोग हो सकता है|


प्रश्न: किसे यह रोग जल्दी हो जाता है?

उत्तर: जिस व्यक्ति की रोग से लड़ने की क्षमता यानि की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है use यह रोग जल्दी हो जाता है इसलिए हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए|


प्रश्न: क्या बाज़ार का खाना खाना सही है?

उत्तर: बाज़ार से लाये हुए भोजन में विषाणु होने की आशंका रहती है और ज्यादातर भोजन मैदा का बना हुआ होता है, तो इस रोग के दौरान हमें जो पोष्टिक आहार चाहिए वो नहीं मिल पाता, इसलिए हमें ऐसे खाद्य पदार्थ जैसे बर्गर , पिज़्ज़ा, टिक्की, भटूरे, बिरयानी, मांस एवं ऐसे ही कई पदार्थ नहीं खाने चाहिए|


प्रश्न: चिकनगुनिया का मच्छर किसको अधिक कटता है?

उत्तर: इसका प्रभाव उन लोगो पर ज्यादा होता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसके अलावा यह बच्चों और असाध्य लोगो पर जल्दी आक्रमण करता है, महिलाओं पर भी इसका असर बहुत जल्दी होता है इसलिए उन्हें अपने पूरे तन को ढक कर रखना चाहिए|


प्रश्न: क्या डायबिटीज के मरीज को विशेष ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: जी हाँ, डायबिटीज वाले मरीज को डेंगू और चिकनगुनिया में विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्यों की ऐसे लोगो की रोग से लड़ने की क्षमता कम होती है इसलिए इनके अन्दर विषाणु जल्दी अटैक करते हैं और इन्हें जल्दी बुखार आने के चांसेस बने रहते हैं|

ये भी पढ़ें:




ये तो रहे कुछ प्रश्न जो की चिकनगुनिया से जुड़े हुए हैं, अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो आप हमसे पूछ सकते हैं| जब भी आपको कोई बुखार आये तो जल्द से जल्द जाँच कराये और यदि चिकनगुनिया के लक्षण (chikanguniya ke lakshan) दिखे तो उसका उपचार जल्दी से जल्दी कराये| आपसे मेरा अनुरोध है अगर आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं तो अपने facebook, twitter अकाउंट पर शेयर ज़रूर करें, यह किसी के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है|

Monday, 19 September 2016

[मेथी खाने के फायदे] Methi Khane Ke Fayde | Benefits Of Fenugreek

हमारे घर की रसोई में हर बीमारी का इलाज छिपा होता है , आज हम जानेंगे की मेथी के दाने खाने से क्या लाभ है (Methi khane ke fayde kya hain)| मेथी (Fenugreek) बहुत सी बीमारी के लिए प्रयोग किया जाता है| मेथी का प्रयोग डायबिटीज में किया जाता है, मेथी का प्रयोग चर्बी कम करने के लिए किया जाता है, चेहरे के दागो के लिए भी मेथी का ही प्रयोग किया जाता है, ऐसे ही न जाने कितनी बीमारियों के लिए इसका प्रयोग किया जाता है| Weight loss ke liye methi ka prayog किया जाता है, चलिए जानते हैं कि कौन कौन से रोगों के लिए मेथी खाना लाभदायक होता है|


methi ke fade kya hain मेथी खाने के क्या फ़ायदे हैं


बजन कम (Weight Loss) करने के लिए:

बजन कम करने के लिए मेथी के दानो को अगर खाया जाये तो आश्चर्य जनक परिणाम मिलते हैं, रात को 10 ग्राम मेथी के दानो को भीगा दे और सुबह खाली पेट in भीगे हुए दानो को खा ले और साथ में उस पानी को भी पी ले जिसमे मेथी को भीगा कर रखा था. ऐसा रोज करे, 1 महीने में अच्छे परिणाम सामने आने लगेंगे| इसके प्रयोग से आपको लम्बा आराम मिलता है क्यों की यह जमी हुई चर्बी को कम करता है|




डायबिटीज (Diabetes Control) नियंत्रण करने में:
डायबिटीज एक जीवन शैली से जुडी हुई बीमारी है, जिसको की कण्ट्रोल किया जा सकता है, इसे कण्ट्रोल करने के लिए कई तरह के घरेलु नुस्खो का प्रयोग किया जाता है, मेथी खाना उनमे से एक है| जिस तरह से मोटापा कम किया जाता है ठीक उसी तरह से इसे सुबह लेने से डायबिटीज भी काबू में रहती है| इसको प्रयोग करते समय डायबिटीज की जांच ज़रूर कराये क्यों कि कभी कभी sugar Level कम हो जाता है तो ऐसे में मरीज को चक्कर और थकन महसूस होने लगती है|





जोड़ों (Joint Pain) के दर्द में:


जब कभी आपको जोड़ो में दर्द महसूस हो या अगर आप अभी इस बीमारी से परेशां हो तो जोड़ो के दर्द के लिए मेथी खाना बहुत अच्छा है, हमारे आचार्य मुनियों ने इसका प्रयोग सदियों से किया है, लेकिन अंग्रेजी दवा के कारण हुम अपना ध्यान आयुर्वेद से हटाते जा रहे हैं| इससे 2 नुकसान हैं, एक तो विदेशी कंपनिया हमारे देश के धन को बहार ले जा रही हैं और दूसरा हमें कोई सटीक और असरकारी इलाज भी नहीं मिल पाता| जोड़ो के दर्द के लिए 1 चम्मच दानो को उबाल ले और उबले दानो को चबाकर खा जाये साथ ही पानी भी पी ले|



फोड़े और फुंसियो के लिए :


अगर आपको फोड़े या फुन्सिया हो गयी हैं तो आप मेथी के भीगे हुए दानो को पीस ले और फिर इसका एक लेप तैयार कर ले फिर इस लेप को उन फोड़ो पर लगाये, सुबह लगाने के बाद शाम को धो दे आपको फोड़े में बहुत लाभ होगा| अगर फोड़ा पका नहीं है तो नहीं पकेगा और धीरे धीरे सूख जायेगा|



पसलियों के दर्द में :


अगर आपको या आपके किसी जानने बाले की पसलियों में असहनीय दर्द होता है तो घबराने की बात नहीं, आपके घर में अगर मेथी दाना रखा हुआ है तो आप निश्चिंत हो जाये| पसलियों के दर्द के लिए आपको इन दानो को भुनाना होगा फिर इसमें थोडा सा काला नमक मिलना होगा, अब इस मिश्रण को दिन में दो बार 10 ग्राम ले| अगर आपको पुराना दर्द है तो 15 दिनों में आपको लाभ होगा| यह थोडा धीमे काम करेगा लेकिन इससे किया हुआ इलाज आपकी बीमारी को दुबारा लेकर नहीं आएगा|



बालो की समस्या में:


बालो से जुडी हुई समस्या अगर आपको है जैसे की अगर आपके बालो की जेड कमज़ोर हो गयी हैं, आपके बालो में रुसी हो गयी है, बालो को सही प्रोटीन नहीं मिल पता है तो आपको मेथी का रोज सेवन करना चाहिए|

·         बालों की रुसी दूर करने के लिए आपको मेथी का पेस्ट बनाना होगा, अब इसे अपने सर पर 30-45 मिनट के लिए लगाये आपको 3-4 बार में फायदा होगा.
·         गिरते हुए बालो के लिए पिसे हुए मेथी दानो को 5-8 ग्राम daily ले. और किसी भी तेल में मेथी के दानों को गर्म करे और फिर इसे ठंडा करके रोज रात को बालो की जड़ों में लगाये|





बवासीर की समस्या में:


अगर आपको बादी बवासीर की शिकायत है तो कोई बात नहीं आप daily पिसा हुआ मेथी खाए आपको लाभ होगा साथ ही आपको खूनी बवासीर की शिकायत नहीं पैदा होगी| वैसे आपको कोई भी बीमारी हो इसके सेवन की आदत एक बहुत गुणकारी आदत है |



कफ़ हो जाने पर:


खांसी के साथ अगर आपको कफ़ आता है तो कोई चिंता की बात नहीं है, थोडा सा मेथी दाना चवाकर खा जाये और ऐसा रोज रात को करे आपका कफ़ जो की जमा हुआ है सब बाहर आ जायेगा|





दस्त हो जाने पर:


अगर आपको दस्त की शिकायत है तो आप राई, अजवाइन, और मेथी को सामान मात्र में मिला कर ले और पीस कर इसका चूरन बना ले, इसके सेवन से आपको अच्छा लाभ मिलेगा







जल जाने पर:


अगर कही पर जल गए हैं तो ठीक इसी राटा से इसका लेप बनाकर लगाये , बहुत अच्छा लाभ होगा| 

सेक्स की समस्या में:

अगर आप सेक्स करते समय कम टाइम में ही अपने वीर्य का स्खलन कर देते है तो इसका मतलब आपके सेक्स करने का टाइम कम है और इस स्थिति में आप अपने पार्टनर को खुश नहीं कर पते होंगे|वतो आपको daily मेथी दाना भीगा कर खाना चाहिए जिससे आप ज्यादा टाइम देकर सेक्स का आनंद ले सकें|

 





आप ये पढ़ कर जान ही गए होंगे की मेथी खाने से कितना लाभ है, इस लिए अगर आपको कोई समस्या है अथवा नहीं भी है तो भी आपको देसी मेथी का सेवन ज़रूर करना चाहिए, यह स्वस्थ रहने के लिए एक अछि आदत है | Methi ke benefits आपने जाना, अगर आप इसे अपने दोस्तों और सगे सम्बन्धियों से शेयर करेंगे तो उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा|

Monday, 12 September 2016

[स्तनपान के फ़ायदे] Stanpan Ke Fayde In Hindi | Maa Ke Doodh Ke Labh

Ma ke doodh se achha doodh sansar me nahi ho sakta hai, isi liye sabhi doctors stanpan (स्तनपान) yani ki Breastfeeding ki salah dete hain. Ma ka doodh sarvopari hai, usme poshak tatwo ki barmaar to hai ki sath hi is doodh me apnepan ka ahsaas hota hai. Ma jab apne bachhe ko doodh pilati hai tab use sukh ka anubhav hota hai, ise na to bayan kiya ja sakta hai aur na hi iska bakhan, ise to kewal masoos karke sukh ki anubhuti ki ja sakti hai. Kya breastfeeding se koi nuksan hai, kya bacche ko doodh pilane se bachche ko ko nuksan hai, Cow milk aur ma ka doodh kaun sa achha hai, aaj in sabhi baato par vichar karenge.



stanpan se kya fayde hote hain ma ke doodh ke labh 


Swasthya vibhag dwara ek message logo tak pahuchaya ja raha hai ki ma ka doodh hi bachhe ke liye sabse achha hai, bahut research karne ke baad ye nishkarsh nikala gaya ki 6 month tak navjat ko kuch bhi nahi dena chahiye kewal ma ka doodh hi bachhe ke liye poora bhojan hai.


Ma ka Doodh Kab Tak Pilaye:

Jaisa ki maine aapko pahle hi batay hai ki 6 month tak bachhe ko kuch nahi khilana hai, kewal breastfeeding hi karaye. stanpan karane se ma aur bachhe dono ko labh hote hain. Daliya, dal, chawal, pani, dahi, mattha kuch bhi nahi khilana hai.


Stanpan ke fayde jane


Chaliye ab jante hain, ki agar koi ma apne bachhe ko daily stanpan kara rahi hai to use kya fayda hai sath hi bachhe ko kya fayda hai. Pahle hum bachhe ke bare me baat karenge.


Bachhe Ka Vikas Hota Hai:

Stanpan karane se bachhe ka sampoorna vikas hota hai, ek chhote se bachhe ko jo bhi poshak tatwo ki awashykta hoti hai wo use uski ma ke dwara hi diye ja sakte hain, aur iska absorption bhi adhik hota hai. Nature ne pahle ma ka doodh hi banaya hai, aur ise hi pachane ki chamta bachhe me paida hone ke sath aati hai.



Rogo Se Ladne Ki Kshmta:


Stanpan karane se bachhe me rogo se ladne ki chamta badhti hai, jise hum immunity kahte hain. Darasal ma ke doodh se bachhe ko har prakar ka poshan milta hai, to bache me antrik roomp se koi kami nahi hoti hai, jisse usme takat ke sath sath shareerik majbooti bhi aa jati hai.


Pachne Me sahayak:

Ma ka doodh pachane ke liye bachhe ko koi dikkat ka samna nahi karna padta hai, jab bachha paida hota hai to uske bahatri ango ki tarah andar ke bhi ang bahut najuk hote hain. Bachhe ka lever bhi kamzor hota hai, kyo ki kisi bhi ang par kabhi koi kaam nahi padta hai to wo sithil ho jata hai. Usi tarah se bache ke ang shuru me kamzor hote hain. Agar ma ka doodh pilaya jaye to lever koi bahut kam kaam karna padta hai aur doodh asani se pach bhi jata hai.


Pneumonia Aur Dast Se Bachav:


Bachho me pneumonia bahut jaldi ho jata hai, agar ma apne bachhe ko regularly stanpan kara rahi hai to nischit hi bachhe me dast aur pneumonia se ladne ki kshmta hogi.



Mansik Vikas Me Labh:


Ma ke doodh me hi wo takat hai jo ki ek bachhe me purna roop se vikas kar sakti hai, Agar kisi bachhe ne ma ka doodh nahi piya hai to wo shareerik roop se kamzor hone ke sath sath mansik roop se bhi bahut durbal hoga. is liye hamesh yaad rahe ki breastfeeding ke bachhe ke kiye uska haq hai, aur ek ma ka ye dayitwa hai ki wo use tandrusht aur durust rakhe.

Ma Ka Pahla Gadha Doodh De


Bachha paida hone ke 1 ghante ke andar ma ke pahle doodh ka sewan bachhe ko zaroor karaye, ye doodh bahut hi gaadha hita hai aur rang me peela hota hai, isme ande aur mans se bhi jyada poshak tatwa hote hain, Jo bachha is doodh ko peeta hai usko bachpan me rogo se nahi ladna padta balki uska manshik vikas tezi se hota hai aur shareerik vikas bhi bahut tezi se hota hai.

 Cow Vs Ma

 Cow matlab ki gaya ko hindu dharam me ma ka roop diya gaya hai, mantyao ke hisab se cow hamri mata hai, lekin ek insan ka bachha apni ma se janm leta hai na ki cow se. cow me apne bachhe ke liye lagav aur zaroori tatwa paye jate hain aur ma me apne bachhe ke liye jo awashak tatwa chahiye wo paye jate hain. To bhawnaye ek taraf aur apne bachhe ka vikas ek taraf rakhe. Is liye hamesh yaad rakhe 6 maah tak bachhe ko na to pani de aur na hi cow milk hi de.


6 Month Ke Baad Kya De


6 month tak kewal ma ka doodh dene ke baad bachhe ko aap kuch ahar bhi de sakti hain, iska matlab ye nahi ki aap ma ka doodh dena yani ki breastfeeding band kar degi. Balki aapko breastfeeding 2 years tak continue rakhni hai. iske alawa apko kuch halka bhojan karana hai.

  • Hari Sabjiyan
  • Daliya
  • Dahi
  • Daale
  • Taze Fal
  • Paneer
  • Mathha
  • Roti
  • Egg 1
  • Fish

Dhyan rahe inse bana hua bhojan bilkul saada hona chahiye, inme masale ya to na ho ya to na ke barabar ho.


Waise to apka nazariya kuch bhi ho sakta hai, magar main manta hoon ki breastfeeding ek bachhe ka adhikar hai,aur ma ka kartwaya. ise har ma ko apne bachhe ki salamati ke liye poore sankalp ke sath karna chahiye. Kyo ki jab aapka bachha swasth rahega to uske sath hi aap manshik room aur shareerik roop se swasth rahengi. Aur fir har ma chahti hai ki uska bachha pushwan ho aur balwan ho. To aaj aapne jan ki breastfeeding yani ki stanpan se kya fayde hote hain.

Hamse jude aur apni pratikriya zaroor de.Aapko hamre article kaise lagte hain ye zarror bataye. sath hi in articles ko apne sage sambhandhiyo, mitro se share kare, shayad koi article unke kaam aa jaye.

Wednesday, 7 September 2016

[डायबिटीज में क्या खाना चाहिए] Diabetes Me Kya Khaye | मधुमेह में क्या खाए

Diabetes me kya khana khaye, (डायबिटीज में क्या खाना खाना चाहिए  ) aaj iske bare me detail me baat karenge. Ye article un logo ke liye likh raha hoon jo diabetes yani sugar ki Beemari se pareshan rahte hain. Dekho sugar ki Beemari tab tak ek Beemari hai jab tak aap ise control na kare. Warna aap ise control karke aaram se normal logo ki tarah rah sakte hain. sugar ko control karne ke liye santulit bhojan kare, time se khana khaye, subah tahlna shuru kare aur sham ko ya subah thoda yoga kare. yoga karne se shareer me takat aati hai aur immunity bhi badhti hai. Jaisa ki aap jante hain ki diabetes me immunity kam ho jati hai. Is article ko padhne se pahle aap diabetes ke lakshano ko jaan le.


madhumeh me kya khaye aur kya na khaye


  Read: Diabetes ke Sbhi lakshan jane ( डायबिटीज के लक्षण )

           Maine bahut se logo ko dekha hai jo diabetes hone ke baad bhi Kuch na Kuch khate rahte hain. Jabki unhe diabetes control karne ke liye santulit khana khana chahiye. Diabetes me body ke calories ko maintain karna hota hai. Aapko Lagbhag 1600kcl se 1700 kcal tak hi poore din khana chahiye.

     Main aaj aapko wo sab bataunga jo ek diabetes ka mareej kha sakta hai. Aap ko ye bhi bataunga ki aap kya nahi kha sakte hain. Main guarantee se kah sakta hoon agar aap isko follow karenge to aap diabetes ko control to karenge hi sath hi aap fit bhi rahenge. Aapki body ki pachane ki chamta bhi achhi ho jayegi.



Madhumeh ka mareej Aksar Kuch na Kuch khane ka sochta rahta hai, uska karan hai ki diabetes me bhookh jyada lagti hai. Lekin agar aap jyada khayenge to Aapki body me glucose level jyada ho jayega. Yani ki sugar ki matra bhad jayegi. Chaliye Ab jante hain ki sugar control karne ke liye kya khaye. Aage main aapko ek aisa diet chart bana ke doonga jisse aap ye bhi janenge ki kis time par kya khana hai aur kitna khana hai ki jisse diabetes bhi control rahe aur sath hi body me calories ki matra bhi poori ho jaye.

In sab baato ko janne se pahle kuch points par dhyan dete hain jo ki aapko dhyan rakhni chahiye.

  •  Diabetes ke marrej ko roj time se khana khana chahiye.
  • Khana khane me gap bhi nahi karna hai. matlab bhookha nahi rahna chahiye.
  • Har samaye khana nahi khana chahiye, ek time fix kare.
  • Brat nahi karna chahiye.
  • Bahar ka khana ya koi bhi khane wali cheez nahi khani chahiye.
  • Tala hua khana nahi khana chahiye.
  • Sugar free tablet ka use kare.
  • Mithayi se bache. ya mithayiya sugar free tablet ki bani hui khaye paranu wo bhi seemit matra me hi khaye.
  • Sharab ka sewan bilkul na kare , kisi bhi prakar ka alchohol nahi peena chahiye.
  • Aap ko apne liye ek vishesh prakar ka hi aata tayar karana chahiye aur usi ki roti ka sewan karna chahiye. Aata banane ka process main neeche bataunga.
  • Hari sabjiyo ka hi sewan kare. aapko kuch hi prakar ki sabjiya khani hain, kaun si sabji khani hai iski charcha neeche ki jayegi.
  • salad ka sewan adhik kare.

Kaun si daal khaye


Diabetes ke mareej ke liye daale mana nahi hoti hain, aap koi si bhi daal kha sakte hain, Fir bhi aapko naam janna hai to main ek list aapke samne likh raha hoon.



  • Arahar (Tuwar) ki daal
  • Chana ki daal
  • Moong ki daal
  • Masoor ki daal
  • Chhole (kabuli chana)
  • Kala chana
  • Udadh ki daal
  • Rajma
  • Soyabin
  • Lobia

Upar diye gaye list me Rajma, kabuli chana, soyanin aur lobia ko kha sakte hain magar inki matra jyada nahi honi chahhiye. Aap lagbhag 1/2 katori matlab 20 gram (Bina paka hua) kha sakte hain. Aur baki ki daale lagbhag 1 katori yani ki 35 gram (Bina paki hui). 

Kaun Se Anaj khaye

 

 Aapko anaj ke liye vishesh dhyan rakhna hai kyo ki anajo me glucose hota hai jo ki sugar level ko increase karta hai. Dusari sabse badi baat ye hai ki aapko kisi bhi pise hue anaj ko chhanna nahi hai. Mote aur ankurit anajo ka prayog adhik kare. Yaha main Roti ke bare me bata raha hoon lekin uska aata kaise banega iske liye aapko banane ka proceess bataunga . Ab dekhte hain ki anaj se bana hua kya khaya ja sakta hai.


  • Roti kha sakte hain
  • Maide se bane koi bhi item aap nahi kha sakte hain.
  • Oats khaye
  • Daliya khaye
  • Ankurit daale
  • Biscuit (Oats ya aata ke bane hue) High fiber wale.
  • Chawal ( Maadh nikla hua) kha sakte hain .
  • Aata bread ya brown bread
  • Aata chane nahi.


 Upar maine Roti ke bare me bataya hai Iski vidhi kya hai jante hain.



Roti Ka aata kaise banaye



Roti ka aata banane ke liye aapko 3 tarah ke ya 4 tarah ke anajo ka prayog karna chahiye. Main aapko 3 tarah ke anajo se bani hui roti ke bare me bataunga. aap isme 4 anaj bhi istemal kar sakte hain. Main 10 kg aate ka process bata raha hoon.

  • Genhu (Wheat) - 7 kg
  • Kala Chana ( चना) - 2 kg
  • Jau (जौ) - 1 kg

In sabhi ko sabse pahle achhe se dho le fir sukhane ke liye kadak dhoop me daal de. dhyan rahe jagah saaf suthri ho. Jab anaj achhe se sookh jaye aur khoob kadak ho jaye tab ise aata chakki se khud pees le ya market se piswa le. Ab sabse dhyan dene ki baat ye hai ki aapko iski roti banane se pahle aate ko channa nahi hai. agar aap ise chan lenge to iska fiber nikal jayega, jo ki diabetes me bahut fayda karta hai.

Kaun Se Fruits (फल) khaye

 

Diabetes me kaun se fruits kha sakte hain aur kaun se nahi kha sakte hain. Is baat ka dhyan bahut baareeki se diya jana chahiye. Waise to diabetes me aap koi bhi fal na khaye lekin yadi aap khana hi chahhte hain to aap adhiktam 100 gram fal hi kha sakte hain. Poore din me matra itna hi aapko fal khana hai. Kuch aise bhi fal hain jinhe aapko kabhi nahi khana hai.

  • Amrood (Guava) kha sakte hain
  • Nashpati kha sakte hain
  • Apple ( sev) kha sakte hain
  • Santre (orange) kha sakte hain
  • Mausambi bhi kha sakte hain
  • Papeeta (papaya) kha sakte hain

Jo fruits aapko kabhi nahi khane hain unki list bhi aap dekh le.

  • Aam kabhi na khaye
  • Kela kabhi na khaye
  • Tarbooj na khaye
  • Cheeku , Leechi na khaye
  • Anar aur shreefa na khaye
  • Cheri na khaye
  • Angoor kabhi na khaye
  • Anannas bhi na khaye
  • Ganna (sugar cane) kabhi na khaye

Fal to aur bhi ho sakte hain lekin aap in par dhyan rakhe. Upar diye gaye jitne bhi fruits maine aapko bataye hain, chahe wo khane wale ho ya na khane wale ho sabhi ke juice (Ras) ko aapko kabhi nahi lena hai. is baat ka aap vishesh dhyan rakhe.


Kaun Si Sabjiya (Vegetables) Khaye


Yun to bahut si sabjiyan hain jinhe aap kha sakte hain, fir bhi diabetes me aap kaun si vegetables yani sabjiyo ko kha sakte hain iske liye hum vichar karte hain aur aapko ek list me khane wali sabjiyo ko dikhate hain.

  • Patta gobhi
  • Gajar
  • Baigan
  •  Bhindi
  • Karela
  • Shimla Mirch
  • Kundru
  • Tinda
  • Lauki
  • Torai
  • Palak
  • Soya Bhaji
  • Pyaz aur Lahsun
  • Parval
  • Pattedar Muli
  • French Beans
  • Sabhi Prakar Ki beans
  • Matar
  • Sem

khane wali sabjiyo ki ek labi list maine aapko de di hai, ab aap ye na kahna, Haaayee Diabetes me koi kuch khane hi nahi deta.Asal me diabetes ke mareej ka dimag sweets par akar atak jata hai. Jabki iske alwa wo bahut se fruits, vegetables aur bhi kai cheeze lha sakta hai. Ab rahi baat matra ki to aap 1 katori sabji (paki hui) kha sakte hain.



Kya Diabetes Me Non-Veg Kha Sakte Hain

 


Ji Haan! aap non veg kha sakte hain, lekin aap is baat ka dhyan rakhe ki aapko seemit matra me hi non veg kha sakte hain. Jisme aap matan bilkul nahi kha sakte. Aap kitni matra me meat , eggs ya fish kha sakte hain zara dhyan de.

  • Chicken - 75 gram
  • Fish - 100 gram
  • Egg - 1 Big Size (white bhag kewal) 

 

 Kitna Doodh (Milk) Piya Ja Sakta Hai



Diabetes me kya khaya ja sakta hai isme lagbhag har baat aap jaan chuke ho, ab rah jati hai baat doodh ki, to aap itna jaan le ki doodh aap pee sakte hain aur usse banne wali kuch chheze bhi kha sakte hain. Jaise aap milk me tonded aur bina toned milk kitna le sakte hain, ya cow milk aur bhains (Buffalow) milk kitna le sakte hain iske bare me jante hain.


  • Cow Milk - 150 ml (Bina Malai)
  • Buffalow milk -  75 ml
  • Toned Milk - 125 ml
  •  Double Toned - 250 ml
  • Curd (Dahi) - 100 gram
  •  Curd Cow - 150 gram
  • Paneer - 30 gram
  •  Cheese - Nahi kha sakte
  • Ice Cream - Nahi kha sakte 
  • Butter - Nahi kha sakte
  • Cream - Nahi kha sakte
  • Mithai Mate - nahi kha sakte


Dairy product lene se pahle janch kar le ki usme kitni calories hain, is tarah se aapko ye bhi dhyan dena hai ki agar aapne kisi din milk liya to aapko curd nahi lena hai. 


Salad Me Kya Le
 

Salad Me aap jitna salad kha sakte hain utna achha hai, main aapko dono time 2-3 roti ki hi salah deta hoon, uske bbad agar aapko bhook lagti hai to aapko salad khana chahiye. Hamesha khana khane ke pahle aur baad salad zaroor khaye. Salad aap kiska kha sakte hain dekhe-



  • Tamatar 
  • Muli
  • Neembu
  • Mirch
  • Patta Gobhi
  • Kheera
  • Kakdi
  • Ankurit Daal se bana salad (Sprouts)

In sabhi baato ko aapne dhyan se jana ki aap diabetes hote hue kya kha sakte hain. Ab kuch Aur khane ki chhese jo aapko khane ke alawa khani hain un par bhi dhyan dena hai. Bazar ka bana hua kuch bhi anhi khan hai, kyo ki usme upyog kiya hua oil bahut kharan quality ka hota hai sath hi baar baar use kiye hue oil me transfat bahut adhik ho jata hai. jisse aapko food poisioning ke chances hote hain, sath hi ye aapke calorie level ko badha dega. Kuch aur cheeze jo aap kha sakte hai ya nahi kha sakte hai jane-


  • Aap chai pee sakte hain (din me 2 baar) Bina sugar
  • Aap coffee pee sakte hai (2 baar) bina sugar
  • Aap ice cream nahi kha sakte hain
  • Aap cold drink nahi pee sakte hain
  • Aap mathha (chhachh) piye
  • Tomato soup pee sakte hain
  • Neembu pani pee sakte hain (bina sugar)





Aaj ka article (Diabetes me kya khaye aur kya na khaye) maine bahut soch samajh kar aur ditetion ki salah se likha hai. Ek diabetes ka mareej jo kuch kha sakta hai wo sabh maine bahut dhyan se likha hai, lekin iske baad bhi aapko agar koi doubt hai to aap hamse comment ke zariye pooch sakte hain. Aapko ye artcle kaisa laga aur aapki kitni help hui, ye aap hame awashya bataye, isse mujhe khushi milegi. Aapse anurodh hai ki ise apne dosto ke sath share kare jisse unhe bhi ye janne ka mauka mile ki wo kya kha sakte hain.

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